निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों से वंचित नहीं रहेगा कोई भी छात्रः डाॅ. धन सिंह रावत
एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पुस्तकें विद्यालयों में उपलब्ध करायें अधिकारी

कहा, छात्र नामांकन में वृद्धि को विद्यालयों में आयोजित हों प्रवेशोत्सव कार्यक्रम
देहरादून/जनमुद्दा
सूबे में नये शिक्षा सत्र 2026-27 के शुभारम्भ पर राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा-01 से 12वीं के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गई। निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण कार्यक्रम के तहत पहले दिन सभी विद्यालयों में विभिन्न विषयों की 359300 पुस्तकें छात्रों को बांटी गई। यह पहला अवसर है जब नये सत्र के शुरू होते ही विद्यालयों में पुस्तकें पहुचाई गई और इसका छात्रों में वितरण किया गया। समय पर पाठ्य पुस्तकें मिलने से छात्र-छात्राओं के जहां चेहरे खिले वहीं उन्हें अब पढाई करने में भी आसानी होगी।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज वर्चुअल माध्यम से राजकीय इंटर काॅलेज किशनपुर देहरादून में आयोजित निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर डाॅ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर के राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा रही है, ऐसे में को भी विद्यार्थी किताबों से वंचित नहीं रहना चाहिये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि इसी सप्ताह शत-प्रतिशत पुस्तकें विद्यालयों में उपलब्ध करा कर छात्र-छात्राओं में अनिवार्य रूप से वितरित की जाय। इसके लिये उन्होंने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपद में विकासखण्ड स्तर पर आयोजित निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण कार्यक्रम की एक-एक फोटो व वीडियो महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विद्यालयों में पुस्तकों समय पर उपलब्ध करा दी गई है। डाॅ. रावत ने कहा कि यह पहला मौका है जब नये शिक्षा सत्र के प्रारम्भ पर विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर उपलब्ध कराई गई है और इसका वितरण भी छात्र-छात्राओं को किया गया। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम के उपरांत आयोजित आॅनलाइन विभागीय समीक्षा बैठक में डाॅ. रावत ने सरकारी विद्यालयों में छात्र नामांकन बढ़ाने को लेकर आगामी 7 अप्रैल को प्रत्येक विद्यालय में वृहद स्तर पर प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये। कार्यक्रम के तहत सभी शिक्षकों अपने सेवित क्षेत्र में घर-घर सम्पर्क कर अभिभावकों को अपने पाल्यों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने को प्रेरित करेंगे। इसके अलावा सभी विद्यालयों में आगामी 14 अप्रैल को डाॅ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर भारतीय संविधान के प्रति सम्मान एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये।
इसके अलावा बैठक में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों के विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं फर्नीचर, शौचालय, विद्यतु संयोजन, पेयजल इत्यादि की उपलब्धता की सूचना एक सप्ताह के भीतर महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये साथ ही जनपद, मण्डल एवं निदेशालय स्तर पर रिक्त पदों की सूचना भी उपलब्ध कराने को कहा गया। इसके अलावा वर्तमान सत्र में पुस्तक मद में आवंटित बजट व पुस्तक खरीद की समीक्षा व सत्यापन करने, व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम संचालन को नई कार्यदायी संस्था का चयन करने, गंभीर बीमारी, दीर्घकालीन समय से अनुपस्थित शिक्षकों व कार्मिकों की सूची तैयार करने, निजी विद्यालयों हेतु अनावश्यक शुल्क वृद्धि व एनसीईआरटी पुस्तकों को अनिवार्य रूप से लागू करने हेतु दिशा निर्देश जारी करने व संबंधित शिकायतों के निस्तारण को टोल फ्री नम्बर जारी करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण कार्यक्रम के तहत पहले दिन प्रदेशभर के विद्यालयों में कुल 799991 पुस्तकों के वितरण के सापेक्ष 359300 पुस्तकें बांटी गई। समय पर छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें मिलने से जहां उनके चहरों पर खुशी झलकी है वहीं अब पढाई करने में आसानी होगी।
बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक डाॅ. मुकुल सती, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा कंचन देवराड़ी, उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा जी.पी काला, रमेश तोमर, उप राज्य परियोजना निदेशक अजीत भण्डारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




